आज की तिथि (Aaj Ki Tithi)

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi) वैशाख कृष्ण चतुर्दशी है, जो गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 की हिंदू पंचांग तिथि है।

आज की तिथि | गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 | वैशाख कृष्ण चतुर्दशी पंचांग | Aaj Ki Tithi
🚩 काशी के ज्योतिषाचार्य द्वारा शुद्ध पंचांग

आज की तिथि | गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 | वैशाख कृष्ण चतुर्दशी | Aaj Ki Tithi

📍 स्थान: वाराणसी, भारत | विशेष: वैशाख चतुर्दशी, विष्णु उपासना
Aaj Ki Tithi 16 April 2026: आज वैशाख कृष्ण चतुर्दशी है जो रात 08:14 तक रहेगी। आज उत्तराभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 01:58 तक और इन्द्र योग सुबह 10:41 तक है। गुरुवार को चंद्रमा मीन राशि में रहने से विष्णु पूजा शुभ है।
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वैशाख कृष्ण चतुर्दशी नल संवत्सर | उत्तरायण
विष्णु पूजा इन्द्र योग

📊 दैनिक पंचांग मुख्य विवरण

  • आज की तिथि: चतुर्दशी (रात 08:14 PM तक)
  • आज का नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (दोपहर 01:58 PM तक)
  • आज का योग: इन्द्र (सुबह 10:41 AM तक)
  • आज का करण: शकुनि (सुबह 08:58 AM तक)
  • सूर्य/चंद्र राशि: सूर्य-मेष | चंद्र-मीन (पूरे दिन)
  • दिशाशूल: दक्षिण (उपाय: दही खाकर निकलें)
☀️ दिन का चौघड़िया (शुभ मुहूर्त)
शुभ: 05:55 AM – 07:31 AM
रोग/उद्वेग: 07:31 AM – 10:44 AM
चर: 10:44 AM – 12:21 PM
लाभ: 12:21 PM – 01:57 PM
अमृत: 01:57 PM – 03:34 PM
काल: 03:34 PM – 05:11 PM
शुभ: 05:11 PM – 06:47 PM

ज्योतिषाचार्य अमरेंद्र त्रिपाठी जी का परामर्श

नमस्ते भक्तों! आज गुरुवार और चतुर्दशी का संयोग है। मीन का चंद्रमा भक्ति के लिए उत्तम है। आज “विष्णु सहस्रनाम” का पाठ दरिद्रता दूर करता है।

✨ सबसे शुभ समय (Auspicious)
अभिजित: 11:55 AM – 12:47 PM
⚠️ राहुकाल (अशुभ समय)
01:58 PM – 03:34 PM

❔ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. 16 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है? आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो रात 08:14 बजे तक रहेगी।
2. आज का राहुकाल समय क्या है? आज गुरुवार 16 अप्रैल को राहुकाल दोपहर 01:58 बजे से शाम 03:34 बजे तक रहेगा।
3. क्या आज पंचक लगा हुआ है? हाँ, चंद्रमा के मीन राशि में होने के कारण आज पूरे दिन पंचक प्रभावी रहेगा।
4. आज का अभिजित मुहूर्त समय क्या है? आज का सबसे शुभ अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:55 AM से दोपहर 12:47 PM तक रहेगा।
5. आज का शुभ चौघड़िया क्या है? आज दोपहर 01:57 से 03:34 तक ‘अमृत’ का चौघड़िया सबसे शुभ फलदायी है।

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Hindu Panchang (हिंदू पंचांग)

हिंदू कैलेंडर को वैदिक पंचांग भी कहा जाता है। इसमें पाँच मुख्य अंग होते हैं—तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। इन्हीं के आधार पर Aaj Ki Tithi, शुभ मुहूर्त और Rahu Kaal की गणना की जाती है।

पंचांग के 5 अंग

1. तिथि (Tithi)

हिंदू कैलेंडर चंद्रमास पर आधारित है। जिसमें दो पक्ष कृष्ण और शुक्ल पक्ष होता है। यह 15-15 दिनों का होता है। विक्रम संवत गणना के अनुसार ‘चन्द्र रेखांक’ को ‘सूर्य रेखांक’ से 12 अंश ऊपर जाने के लिए जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है। हिंदू कैलेंडर में 15 तिथियां होती हैं। 

ये 15 तिथियां क्रमशः प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या/पूर्णिमा है।

2. नक्षत्र (Nakshatra)

आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 

ये 27 नक्षत्र क्रमशः अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और रेवती नक्षत्र हैं।

3. वार (Day)

हिंदू कैलैंडर में वार का आशय दिन से है। हिंदी कैलेंडर के सप्ताह में 7 दिन हैं। 

ये 7 वार क्रमशः रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार है। 

4. योग (Yog)

नक्षत्र की तरह योग की संख्या भी 27 है। सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग कहा जाता है। 

ये 27 योग क्रमशः विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति है।

5. करण (Karan)

हिंदू पंचांग के अनुसार एक तिथि में दो करण होती है। एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में। हिंदू पंचांग में कुल 11 करण होते हैं। 

ये 11 करण क्रमशः बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न हैं। 

ऐसे ही ज्योतिष, पंचांग, राशिफल, त्योहार, और सनातन धर्म की अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए My Mandir का ब्लॉग अवश्य पढ़ें।

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