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Rin Mochan Mangal Stotra | ऋणमोचक मंगल स्तोत्र | PDF

यदि आप किसी प्रकार के ऋण व कर्ज से परेशान हैं या आपके कुंडली में मंगलदोष है? तो आपको ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।

Rin Mochan Mangal Stotra: क्या आप किसी प्रकार के ऋण व कर्ज से परेशान हैं या आपके कुंडली में मंगलदोष है? तो आपको प्रत्येक मंगलवार के दिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। 

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र (Rin Mochan Mangal Stotra) भगवान मंगलदेव को समर्पित है। मंगल देव का संबंध हनुमान जी से है और हनुमान जी सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा दिलाने वाले देवता के रूप में जाने जाते हैं। इस स्तोत्र में भगवान मंगल देव जी के सभी इक्कीस नामों का उल्लेख है। 

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का नियमित पाठ करने से जातक के जीवन में सुख समृद्धि आती है। साथ ही सभी प्रकार के ऋण से मुक्ति मिलती है। 

तो आइए, My Mandir के इस ब्लॉग में ऋणमोचक मंगल स्तोत्र (Rin Mochan Mangal Stotra) को जानते हैं। यहां आप ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का PDF भी प्राप्त कर सकते हैं। 

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र (Rin Mochan Mangal Stotra)

श्री मङ्गलाय नमः ॥

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः ।

स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः ॥1॥

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः ।

धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः॥2॥

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः ।

व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः॥3॥

एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत् ।

ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात् ॥4॥

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम् ।

कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम् ॥5॥

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः ।

न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित् ॥6॥

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल ।

त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय ॥7॥

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः ।

भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा ॥8॥

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः ।

तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात् ॥9॥

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा ।

तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः ॥10॥

पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः ।

ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः ॥11॥

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम् ।

महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा ॥12॥

॥ इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥

Rin Mochan Mangal Stotra PDF

श्री ऋणमोचक मंगल स्तोत्र पाठ से लाभ

  • ऋणमोचक मंगल स्तोत्र के पाठ कर्ज व ऋण से मुक्ति मिलती है।
  • मनुष्य कुबेर भगवान की तरह धन-संपत्ति का स्वामी बन जाता है।
  • किसी भी प्रकार की रोग और कष्ट से मुक्ति मिलती है।

ऐसे ही ज्योतिष, राशिफल, त्योहार, और सनातन धर्म की अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए MyMandir का ब्लॉग अवश्य पढ़ें।

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